एक forensic accountant, एक डूबती हुई कंपनी, और एक साल का शादी का contract, जिसके पीछे छुपा है एक पुराना बदला। मीरा जोशी उस आदमी के क़रीब जाने के लिए आरव रस्तोगी से शादी करती है जिसने उसके पिता को बर्बाद किया था। पर जैसे-जैसे झूठ गहराते हैं, उसे एहसास होता है कि उसका बदला और जिस आदमी से वो प्यार करने लगी है, दोनों एक ही निशाने पर खड़े हैं।
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एक काँच के office में, एक डूबती कंपनी का मालिक और एक तेज़-तर्रार forensic accountant एक साल के नकली विवाह का सौदा करते हैं, बिना भावना, बिना सवाल। दादी पहली ही मुलाक़ात में दोनों के झूठ ताड़ लेती हैं। पर जिस investor को खुश करना है उसका नाम सुनते ही मीरा की दुनिया एक पल को ठहर जाती है, क्योंकि कुछ कहानियाँ प्यार से नहीं, बदले से शुरू होती हैं।
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एक ही dinner पर आरव की पूरी company का फ़ैसला होना है। मीरा पहली बार उस आदमी के आमने-सामने बैठती है जिसके लिए उसने ये शादी की थी, और एक नकली मुस्कान के पीछे अपनी असली नफ़रत छुपाती है। मल्होत्रा खातों की जाँच के लिए अपने auditors भेजने की शर्त रखता है, और जाते-जाते एक ऐसा नाम लेता है जो मीरा के पैरों तले ज़मीन खिसका देता है।
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मल्होत्रा के auditors आने में बस दस दिन बाक़ी हैं, और रात के दो बजे खातों पर झुके मीरा और आरव के बीच की दीवारें गिरने लगती हैं। आरव अपना दर्द खोलता है, और मीरा पहली बार उसे एक मोहरा नहीं, एक इंसान की तरह देखती है। पर तभी पुराने कर्ज़ के कागज़ों में उसे एक नाम मिलता है, जो उसके बदले और उसके बढ़ते एहसासों को एक ही नामुमकिन गाँठ में बाँध देता है।
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अपने सबसे बड़े राज़ को छुपाने के लिए मीरा आरव से पहला झूठ बोलती है, एक ऐसा झूठ जो इस बार उसे बचाने के लिए है। उनके बीच की क़ुर्बत एक अधूरे चुंबन तक पहुँचती है, और तभी मल्होत्रा का auditor दस्तक दे देता है। अब मीरा को अपनी पूरी क़ाबिलियत उल्टी दिशा में लगानी है, सच ढूँढने में नहीं, उसे दफ़नाने में। पर एक माहिर का हाथ हमेशा एक निशान छोड़ ही जाता है।
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एक चमकते gala में आरव और मीरा को एक आदर्श जोड़े का दिखावा करना है, पर एक धीमे dance में वो दिखावा कहीं सच में बदलने लगता है। तभी मल्होत्रा मीरा को अकेले में घेर लेता है और बताता है कि वो उसकी असली पहचान जान चुका है। फिर वो एक शैतानी सौदा रखता है, ऐसा सौदा जो मीरा को उसका दस साल पुराना बदला दे सकता है, पर जिसकी क़ीमत वो आदमी है जिससे वो प्यार करने लगी है।
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6Episode 6: आग 18+
गाला के बाद Malhotra का प्रस्ताव मीरा के मन में तूफान ला रहा था। Aarav और मीरा के बीच की दीवारें टूटती हैं और रात एक नई आग में बदल जाती है। पर सुबह के सन्नाटे में Aarav के एक इकबाल ने सब कुछ बदल दिया।
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उस रात के बाद, मीरा एक फ़ैसला करती है, वो मल्होत्रा का सौदा ठुकरा देती है, सिर्फ़ आरव को बचाने के लिए। पर 'ना' सुनना मल्होत्रा को पसंद नहीं, और उसका बदला आरव की company को सात दिन में डुबोने वाला है। जैसे मीरा उसे बचाने के लिए लड़ रही है, उधर आरव एक पुरानी पीली फ़ाइल खोल बैठता है, और दस साल का दफ़न राज़ अचानक उसके हाथों में आ जाता है।
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राज़ खुल चुका है। आरव के सामने अब वो औरत नहीं, एक अजनबी खड़ी है, और मीरा जो सच आख़िरकार बोल रही है, वो उसके अपने झूठों के नीचे दबकर रह जाता है। घर से निकाली गई मीरा एक ही चौराहे पर खड़ी है, बदला पूरा करे या आरव को बचाए। उसकी सहेली इशा उसे सब छोड़कर भाग जाने की मिन्नत करती है। पर तभी मल्होत्रा एक ऐसी चाल चलता है, जो लड़ाई को पैसों से उठाकर सीधे ज़िंदगी और मौत पर ले आती है।
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दादी ICU में हैं, company राख हो चुकी है, और आरव बिखर चुका है। मीरा लौटती है, माफ़ी माँगने नहीं, लड़ने। दोनों के बीच नफ़रत और टूटे भरोसे की एक दीवार खड़ी है, पर मल्होत्रा को इस दुनिया में सिर्फ़ मीरा का हुनर हरा सकता है। एक मजबूरी का गठबंधन जन्म लेता है। पर उस सबूत तक पहुँचने का सिर्फ़ एक ही रास्ता है, और वो रास्ता मीरा को सीधे उसी शेर की माँद में वापस ले जाता है, जिससे वो दस साल भागती रही है।
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10Episode 10: जाल 18+
खतरनाक रात में मीरा मल्होत्रा के पास सबूत चुराने के लिए कदम रखती है। आरव के साथ उनकी दीवार टूटती है और वो एक-दूसरे को चुन लेते हैं। लेकिन मल्होत्रा पहले से ही एक कदम आगे था। एक जाल जो मीरा को प्यार और आजादी के बीच फंसा देता है।
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मल्होत्रा समझता है कि उसने जीत लिया है, उसके हाथ में मीरा की हेराफेरी का सबूत है। पर वो भूल गया कि वो एक accountant से लड़ रहा है। मीरा अपना असली जाल बिछाती है, और दस साल का दबा हुआ सच, उसके पिता की बेगुनाही, आख़िरकार सामने आता है। पर इस आख़िरी हिसाब में मीरा को अपने सबसे बड़े हथियार और अपने सबसे गहरे ज़ख़्म के बीच चुनना है। और जीत की क़ीमत, वो किसी ने नहीं सोची थी।
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मल्होत्रा के पतन के बाद शांति लौट आई है। आज एक साल की कागजी शादी खत्म होती है और मीरा आरव को फैसला करना है कि क्या वो सच में साथ चुनेंगे। दादी की मुस्कान और गर्मजोशी में पुरानी भविष्यवाणी पूरी होती है। लेकिन नई शुरुआत के साथ एक छोटा सा खतरा भी मंडराता है।