अध्याय 1 / 26 पढ़ने में 12 मिनट 18+
हरिवंश की वसीयत
सेठानी द्वारा Avni Oberoi
सेठ हरिवंश की अचानक मौत के बाद वसीयत पढ़े जाने पर उनकी युवा विधवा पद्मिनी पूरे बाजार साम्राज्य की वारिस बन जाती है जबकि भाई प्रदीप और महेश खाली हाथ रह जाते हैं। भाइयों के गुस्से भरे सार्वजनिक वादों के बाद पद्मिनी डर के मारे आधी रात को रघुवीर को बुलाने को मजबूर हो जाती है।
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