Chapter 18 of 26 15 min read 18+
भरोसे का पुनरुत्थान
पद्मिनी पुलिस पहुंचकर रघुवीर को अकाट्य अलिबाई देकर बचाती है जिसमें वह साबित करती है कि आरोप वाली रात वह पूरी तरह उसके साथ था, इसके बाद उनका भावनात्मक पुनर्मिलन होता है और टूटा भरोसा पहले से कहीं मजबूत होकर लौटता है लेकिन यह खुशी उनके सबसे तीव्र जुनूनी रात में बदल जाती है जिसमें पद्मिनी खुद को पूरी तरह समर्पित कर देती है।
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