सेलिब्रिटी मेहंदी आर्टिस्ट गुलनाज को सबसे बड़े विवाह में बुक किया गया। दुल्हन का गर्भ का राज और आर्यवीर की आग सात रातों में सब बदल देती है।
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सेलिब्रिटी मेहंदी आर्टिस्ट गुलनाज आर्यवीर के लग्जरी होटल इंपीरियल पैलेस पहुंचती है जहां सीजन की सबसे बड़ी शादी की तैयारियां चल रही हैं। आर्यवीर से तीखी केमिस्ट्री शुरू होती है, अनिका और विहान से मुलाकात होती है लेकिन जल्द ही गुलनाज को अनिका के राज का अंदाजा हो जाता है और आखिर में अनिका अकेले में गुलनाज के सामने अपना गर्भ का राज खोल देती है।
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अनिका के गर्भ के राज को जानने के बाद गुलनाज पहली मेहंदी फंक्शन की डिजाइन शुरू करती है लेकिन राज का भारी बोझ उसे अंदर ही अंदर तोड़ रहा है। आर्यवीर के साथ उसकी तीखी केमिस्ट्री और गहरी होती है जबकि रोहन और विहान के बीच टेंशन बढ़ता है, लेकिन सब बदल जाता है जब अनिका अपनी प्रेग्नेंसी रिपोर्ट्स गुलनाज को दिखा रही होती है और आर्यवीर अचानक कमरे में दाखिल हो जाता है।
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आर्यवीर के अचानक दाखिल होने पर गुलनाज चतुराई से पल को संभाल लेती है, रिपोर्ट्स को मेहंदी की स्किन टेस्ट बताकर और अपनी पेशेवर प्रतिभा से उसे प्रभावित करती है, लेकिन राज का बोझ बढ़ता जाता है। मेहंदी फंक्शन के दौरान आर्यवीर के साथ उसकी केमिस्ट्री और गहरी होती है जबकि रोहन विहान के बीच तनाव चरम पर पहुंचता है, आखिरकार देर रात वर्कशॉप में अकेली गुलनाज को आर्यवीर मिल जाता है जहां हवा तनाव से चटक रही होती है।
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वर्कशॉप में आर्यवीर और गुलनाज शेयर ड्रिंक करते हैं जहां आर्यवीर अपना तलाक का कड़वा अनुभव खोलकर रख देता है, गुलनाज अपनी बढ़ती आकर्षण और शारीरिक चाहत से जूझती रहती है, बातें गहरी और निजी होती जाती हैं।
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स्वागत नाइट फंक्शन में गुलनाज लाइव मेहंदी लगा रही है और आर्यवीर उसकी हर हरकत को गहरी नजरों से देख रहा है, पिछली रात की अंतरंग बातें और स्पर्श उनकी केमिस्ट्री को भड़का रहे हैं जबकि अनिका और विहान के साथ रोहन का तनाव बढ़ता है, लेकिन अचानक अनिका की उबकाई आने पर गुलनाज को मेहमानों के बीच इमरजेंसी डिस्ट्रैक्शन क्रिएट करना पड़ता है।
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गुलनाज हॉल से अनिका को साइड रूम में ले जाकर उसकी उबकाई संभालती है और उसका गर्भ का राज सुनकर खुद भी हिल जाती है लेकिन तभी रोहन वहां पहुंचकर अनिका तक पहुंच की मांग करने लगता है, गुलनाज स्थिति को संभालने की कोशिश करती है जबकि आर्यवीर दूर से गुलनाज को इस अजनबी के साथ गहरी बात करते देखकर अपनी शंका को खुली ईर्ष्या में बदल देता है।
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आर्यवीर गुलनाज को किसी भी ड्रामा से दूर रहने की सख्त चेतावनी देता है लेकिन उसकी सुरक्षात्मक लहजे में छुपी हुई चाहत साफ झलकती है, दोनों खाली बैनक्वेट हॉल में जाते हैं जहां बातें गहरी और निजी होती जाती हैं, राज का बोझ गुलनाज को तोड़ रहा है जबकि आर्यवीर की नजरें उसके शरीर पर भूख से टिकी रहती हैं।
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चुंबन को दोनों गलती मान लेते हैं लेकिन उसकी याद अगले दिन की तैयारियों में उन्हें हर पल सताती है, गुलनाज और आर्यवीर अपनी चाहत को दबाने की कोशिश करते हैं जबकि अनिका का राज और रोहन का खतरा मंडराता रहता है, आखिर में गुलनाज को रोहन का वीडियो मिलता है जो उनके चुंबन को दिखाता है और एक्सपोज करने की धमकी देता है।
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संगीत नाइट पर गुलनाज आश्चर्यजनक मेहंदी बना रही है जबकि रोहन की धमकी वाली वीडियो उसे तोड़ रही है, आर्यवीर से बचने की कोशिश में उसकी केमिस्ट्री और गहरी होती है, अनिका के राज को संभालते हुए वो रोहन की मांगों को टालती है लेकिन आखिर में आर्यवीर उसे अपने प्राइवेट ऑफिस में खींच ले जाता है जहां बातें स्पष्ट रूप से शारीरिक हो जाती हैं।
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ऑफिस में आर्यवीर और गुलनाज अपनी रोक नहीं पाई जा रही आग के आगे पूरी तरह समर्पण कर देते हैं, एक तीव्र स्पष्ट मुठभेड़ में वे एक दूसरे के शरीर को भूख से नोचते चूसते और भरते हैं जो उन्हें हांफते बेदम छोड़ जाता है, लेकिन अचानक दरवाजे की ओर बढ़ते कदम उन्हें आधे कपड़ों में छिपने पर मजबूर कर देते हैं।
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दरवाजे पर आते कदमों से बच निकलने के बाद आर्यवीर और गुलनाज का शारीरिक आकर्षण अब गहरे भावनात्मक जुड़ाव में बदल जाता है जहां दोनों एक दूसरे की आत्मा को छू लेते हैं, लेकिन अनिका के एलोपमेंट के फैसले ने गुलनाज को पूरी तरह तोड़कर रख दिया।
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अनिका के एलोपमेंट के फैसले के बाद गुलनाज उसे सम्मान, परिवार और बच्चे के भविष्य के लिए मनाने की पूरी कोशिश करती है जबकि अपना राज और आर्यवीर के साथ गहराता भावनात्मक और शारीरिक जुड़ाव उसे और तोड़ता है, लेकिन आखिरकार विहान उसे घेर लेता है।
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गुलनाज विहान को अनिका के राज से अनजान बताते हुए हल्दी मेहंदी डिजाइन करती है जिसमें आग और कमल का प्रतीक उसके अपने दिल के द्वंद्व को उकेरता है, आर्यवीर के साथ गहराती चाहत और अनिका रोहन के खतरे के बीच वो टूटती जाती है लेकिन हल्दी समारोह की अराजकता में दोनों स्पष्ट छुअनों में खो जाते हैं।
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हल्दी की अराजकता से बच निकलकर गुलनाज और आर्यवीर होटल के छिपे पविलियन में पहुंचते हैं जहां स्पर्श एक और तीव्र सहमति भरी रात में बदल जाते हैं, उनके शरीर और आत्मा एक दूसरे में पूरी तरह घुल जाते हैं लेकिन रोहन का अल्टीमेटम मैसेज सब कुछ खतरे में डाल देता है।
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रोहन के खतरनाक अल्टीमेटम के बाद गुलनाज समय खरीदने के लिए उससे सामना करती है लेकिन आर्यवीर चुपके से उसका पीछा कर लेता है और मुलाकात देख लेता है, अंत में ईर्ष्या से आग बबूला होकर वो गुलनाज पर धोखा देने और इस्तेमाल करने का आरोप लगाता है।
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आर्यवीर का ईर्ष्या भरा आरोप गुलनाज पर बरसता है और बैनक्वेट हॉल से पेंटहाउस तक उनका झगड़ा गुस्से भरे जुनून में बदल जाता है जहां दोनों एक दूसरे को नोचते चूसते हुए तीव्र संभोग में डूब जाते हैं लेकिन बाद में अपराधबोध से सताई गुलनाज अनिका के पूरे राज को खोलने ही वाली होती है।
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गुलनाज पेंटहाउस में अपराधबोध से सताई अनिका का पूरा राज खोलने ही वाली होती है लेकिन मेहंदी नाइट फंक्शन की जिम्मेदारी उसे सच दबाने पर मजबूर कर देती है, आर्यवीर की आग और रोहन का खतरा उसके अंदर तूफान मचा रहे हैं।
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अनिका के बेहोश होने और खून देखकर गुलनाज एक चतुर कवर स्टोरी गढ़ती है लेकिन परिवार की नजरें शक से भर जाती हैं, आर्यवीर उसे अलग ले जाकर पूरी सच्चाई की मांग करता है जबकि उनकी केमिस्ट्री और जुनून बीच बीच में भड़क उठता है, अंत में अनिका होश में आकर विवाह से इनकार कर देती है।
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अनिका के इनकार के बाद गुलनाज उसे हताशा में देखकर शादी से सुरक्षित निकलने की चुपके से योजना बनाने में मदद करती है जबकि होटल में पूरा विवाह मंत्रोच्चार और सजावट तेजी से आगे बढ़ रहा है, दोनों के बीच भावनात्मक बातें होती हैं और गुलनाज अपनी चाहत को दबाती है।
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अनिका के अचानक गायब हो जाने से पूरा विवाह स्थगित हो जाता है, परिवार में दहशत फैल जाती है और गुलनाज पर आरोपों की बौछार होने लगती है जबकि आर्यवीर का गुस्सा जुनून में बदलता है, अंत में विहान रोहन और अनिका को पकड़ लेता है जो हिंसक परिवारिक टकराव की ओर ले जाता है।
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रोहन और अनिका को पकड़ने के बाद पूरा राज परिवार के सामने फूट पड़ता है जिसमें अनिका का सात महीने का गर्भ और रोहन के साथ affair सबको स्तब्ध कर देता है, गुलनाज पर आरोपों की बौछार होती है जबकि आर्यवीर का गुस्सा और जुनून दोनों भड़क उठते हैं।
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टूटे दिल के साथ गुलनाज होटल से जाने के लिए सामान पैक करती है जहां आर्यवीर के साथ बिताई तीव्र शारीरिक रातें और अनिका के राज का बोझ अब दर्द बन गए हैं, हर याद उसे हिलाती है लेकिन जैसे ही वो दरवाजे पर पहुंचती है आर्यवीर गुस्से के बावजूद उसे रोक लेता है।
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दरवाजे पर आर्यवीर के रोकने के बाद गुलनाज और आर्यवीर की अंतिम रात पछतावे, जुनून और अनकही मोहब्बत के भावुक तूफान में बदल जाती है जहां दोनों अपने शरीर और दिल को बार बार एक दूसरे में घोलते हैं, लेकिन सुबह गुलनाज अकेली उठकर बिस्तर पर आर्यवीर का हाथ लिखा पत्र पाती है।
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सुबह उठकर गुलनाज आर्यवीर का हाथ लिखा पत्र पढ़ती है जिसमें वो उसकी गलतियों को माफ करते हुए कहता है कि वो उसे खो नहीं सकता, ये पढ़कर उसके अंदर तूफान उठता है और वो एयरपोर्ट की ओर दौड़ पड़ती है जहां आर्यवीर दोनों के लिए टिकट लेकर इंतजार कर रहा है।
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एयरपोर्ट पर मिलकर गुलनाज और आर्यवीर अंतिम क्षणों में फ्लाइट पकड़ लेते हैं, परिवार के स्कैंडल और अनिका के राज को पीछे छोड़ एक दूसरे को चुनते हुए नई जिंदगी की ओर बढ़ते हैं जहां बातें गहरी जुनून और भावनाओं से भरी होती हैं, लेकिन जैसे ही प्लेन टेकऑफ करता है गुलनाज आर्यवीर की कलाई पर ताजा मेहंदी का डिजाइन बनाने लगती है जो उनके हमेशा का प्रतीक है।