महेंद्र की मौत के बाद कावेरी और अरनव को साथ चलानी पड़ी दिवालिया फैक्ट्री। नफरत से शुरू हुआ रिश्ता बदल गया सम्मान फिर निषिद्ध वासना में। चाचा की साजिश कर्ज और शहर का स्कैंडल।
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महेंद्र की दिल का दौरा पड़ने से अचानक मौत के बाद उनके वकील के ऑफिस में वसीयत पढ़ी गई जिसमें कावेरी को घर और आधी दिवालिया फैक्ट्री मिलती है लेकिन अरनव के साथ एक साल तक मिलकर चलाने की शर्त है। नफरत से भरे अरनव उसे गोल्ड डिगर कहकर बाहर निकालने को कहता है पर वकील का आखिरी खुलासा सब कुछ बदल देता है।
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वसीयत के बाद कावेरी और अरनव फैक्ट्री के पहले दिन पहुंचते हैं जहां मजदूर युवा विधवा कावेरी के बारे में गॉसिप करते हैं और अरनव उसके हर सुझाव को सार्वजनिक रूप से खारिज कर अपमानित करता है। नफरत के बीच अनचाहा आकर्षण उभरने लगता है लेकिन अचानक एक बड़ा कर्जदार जब्ती के कागजात लेकर पहुंच जाता है जो दोनों को संयुक्त जिम्मेदारी पर हस्ताक्षर करने या तुरंत कारखाना बंद करने का ultimatum देता है।
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वसीयत के कागजात साइन करने के बाद कावेरी और अरनव कर्जदारों से पैसे वसूलने निकलते हैं जहां कार की तंग सवारियों में आरोप और नफरत उबलती है लेकिन कावेरी अपनी तीखी बातचीत से कुछ रकम जुटा लेती है। अरनव का सम्मान अनिच्छा से बढ़ता है पर अंतिम कर्जदार महेंद्र के विक्रम से गुप्त लोन का खुलासा कर देता है जो वसीयत में छुपाया गया था।
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घर लौटने पर विक्रम अचानक पहुंचता है और कावेरी पर महेंद्र को манипуलेट करने का आरोप लगाकर वसीयत को कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा करता है। अरनव और कावेरी के बीच तीखी बहस वासना में बदल जाती है लेकिन रात में अरनव कावेरी के फुसफुसाते फोन कॉल को सुनकर उसके छुपे अतीत पर संदेह करने लगता है।
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पहली कोर्ट सुनवाई में विक्रम के वकील कावेरी को गोल्ड डिगर और महेंद्र को манипуलेट करने वाली बताते हैं। अरनव चुप रहकर उसके बगल में बैठने को मजबूर होता है जबकि उनके बीच संदेह, सम्मान और निषिद्ध वासना उबाल खाती है। जज अंत में 30 दिनों में संयुक्त प्रबंधन का प्रमाण जमा करने का आदेश देते हैं।
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कोर्ट के आदेश को पूरा करने के लिए कावेरी और अरनव फैक्ट्री के ऑफिस में लगातार देर रात तक पुराने लेजर्स और अकाउंट्स पर काम करते हैं। कावेरी को पुरानी गलतियों और एरर्स नजर आते हैं जो अनिच्छा से अरनव को प्रभावित करते हैं लेकिन पावर कट के अंधेरे में अरनव कावेरी को अकेले रोते देखकर अप्रत्याशित सहानुभूति महसूस करता है।
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अगली सुबह फैक्ट्री में मजदूरों के वेतन विवाद को कावेरी अकेले ही सुलझा लेती है जिससे अरनव के मन में नफरत धीरे-धीरे अनिच्छित सम्मान में बदलने लगती है, ऑफिस में उनके बीच सम्मान वासना में घुल जाता है लेकिन शाम को विक्रम द्वारा लीक की गई अखबार की खबर सब बदल देती है।
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अखबार के संपादक से टकराते हैं कावेरी और अरनव, झूठ के खिलाफ उनकी एकजुटता घर पर पहली सभ्य बातचीत में बदलती है जहां सम्मान और वासना गहराती है लेकिन अचानक तूफानी बारिश उन्हें लॉक फैक्ट्री ऑफिस में रात भर फंसा देती है।
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तूफानी रात में फैक्ट्री ऑफिस में फंसे कावेरी और अरनव पुराने घावों को खोलते हैं, कावेरी अपने बीमार पिता को बचाने के लिए की गई शादी का सच बताती है जिससे अरनव की नफरत पिघलने लगती है और सम्मान गहरा होता है, लेकिन अंधेरे में हाथों का अनायास स्पर्श दोनों को एक अनकही वासना में डुबो देता है।
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तूफानी रात के बाद कावेरी और अरनव एक बड़े कर्जदार से सफलतापूर्वक लाखों रुपये वसूल करते हैं जहां अरनव कावेरी को उसकी स्मार्टनेस की पहली सच्ची तारीफ देता है लेकिन तुरंत व्यंग्य से छुपा लेता है। फैक्ट्री लौटने पर एक युवा सप्लायर कावेरी से खुलकर फ्लर्ट करता है जिससे अरनव के अंदर अनजानी और अनपेक्षित जलन भड़क उठती है।
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सप्लायर राज की फ्लर्टिंग के बाद अरनव की ईर्ष्या चरम पर पहुंच जाती है और कावेरी के साथ उनके हर झगड़े में अब निषिद्ध वासना साफ झलकने लगती है। दोनों इस खिंचाव से इनकार करते हुए भी काम का बहाना बनाकर एक दूसरे के पास रहते हैं लेकिन अचानक बारिश में भीगी कावेरी को कपड़े बदलते देख अरनव दरवाजे पर फ्रीज हो जाता है।
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कल रात की घटना के बाद कावेरी और अरनव दूसरे शहर एक महत्वपूर्ण क्लाइंट मीटिंग के लिए ट्रेन से रवाना होते हैं जहां सीटों की नजदीकी और होटल के कमरे उनकी बढ़ती वासना को बेकाबू बना देते हैं। क्लाइंट उन्हें पति पत्नी समझ लेता है और दोनों में से कोई सुधार नहीं करता जिसके बाद होटल लौटकर लगभग किस की स्थिति बन जाती है।
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होटल के कमरे में गहरे किस के बाद कावेरी और अरनव पर सौतेले रिश्ते का अपराधबोध हावी हो जाता है। नए क्लाइंट ऑर्डर पर काम करते हुए वे इसे दोहराने की कसम खाते हैं लेकिन विक्रम को उनके होटल पल की तस्वीरें मिल जाती हैं जो वह अगली कोर्ट सुनवाई में जमा करने की तैयारी करता है।
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विक्रम द्वारा लीक की गई होटल तस्वीरें अखबार में छपने के बाद पूरा शहर कावेरी और अरनव को अनैतिक बताने लगा, फैक्ट्री के बाहर गॉसिप और मजदूरों का आक्रोश बढ़ गया। ऑर्डर रद्द होने शुरू हो गए जिससे कर्ज का बोझ और भारी हो गया, अपराधबोध और दबाव के बीच दोनों की निषिद्ध वासना एक बार फिर सिर उठाती है।
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पहली निषिद्ध मुठभेड़ के बाद कावेरी और अरनव अपराधबोध से त्रस्त हैं, दिन भर स्कैंडल और कर्ज के दबाव में गुजरता है लेकिन अगली रात वासना फिर से भड़क उठती है और वे एक दूसरे को पूरी तरह एक्सप्लोर करते हैं। क्लिफहैंगर पर नाइट वॉचमैन उन्हें समझौता स्थिति में देख लेता है और पूरे शहर को बताने की धमकी देता है।
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नाइट वॉचमैन को भारी रिश्वत देकर चुप कराने के बाद कावेरी और अरनव का गुप्त रिश्ता और गहरा होता है जहां फैक्ट्री बचाने की रणनीति पर चर्चा के बीच कई निषिद्ध और स्पष्ट मुठभेड़ें होती हैं। अपराधबोध और वासना के बीच वे नए क्लाइंट्स ढूंढते हैं लेकिन कोर्ट पहुंचते ही विक्रम होटल की तस्वीरें और नौकर के गवाही का बयान पेश कर वसीयत को नैतिक आधार पर रद्द करने की मांग करता है।
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कोर्ट में विक्रम के सबूतों के खिलाफ कावेरी और अरनव एकजुट होकर लड़ते हैं लेकिन अपना चलता गुप्त शारीरिक संबंध छुपाने की कोशिश में तनाव बढ़ता जाता है, ऑफिस में रणनीति बनाते समय वासना फिर भड़क उठती है और वे एक दूसरे को फिर से पूरी तरह भोगते हैं। नए सबूत जुटाने की कोशिश में स्कैंडल उन्हें हर तरफ से घेर लेता है, अंत में अरनव का बचपन का सबसे करीबी दोस्त राहुल सब जानकर उसके खिलाफ हो जाता है और विक्रम के साथ मिलकर कोर्ट में गवाही देने की धमकी देता है।
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राहुल के गवाही देने की धमकी के बाद कावेरी और अरनव फैक्ट्री पहुंचते हैं जहां स्कैंडल के कारण मजदूर हड़ताल पर चले गए हैं, दोनों शॉप फ्लोर पर खुद काम करके उत्पादन बचाते हैं जिसमें सम्मान गहरी निषिद्ध वासना में बदल जाता है लेकिन शाम को गेट के बाहर विक्रम के भेजे गुंडे कावेरी पर हमला कर देते हैं।
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विक्रम के गुंडों के हमले से कावेरी को बचाने के बाद अरनव उसके घाव संभालता है जिससे उनकी निषिद्ध वासना फिर भड़क उठती है, तीव्र शारीरिक मिलन के दौरान दोनों एक दूसरे से अपने गहरे प्यार और सम्मान का इजहार करते हैं लेकिन रात के अंत में कावेरी पुराने दस्तावेजों में विक्रम द्वारा महेंद्र के लोन जालसाजी का सबूत ढूंढ लेती है।
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जाली लोन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर विक्रम पर काउंटर सूट दायर करते हैं कावेरी और अरनव लेकिन शहर का बढ़ता बहिष्कार फैक्ट्री को घेर लेता है और मजदूरों के वेतन नहीं दिए जा पाते, क्लिफहैंगर पर विक्रम के प्लांटेड फर्जी फ्रॉड आरोप में अरनव गिरफ्तार हो जाता है और कावेरी अकेली फैक्ट्री संभालने को छोड़ दी जाती है।
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अरनव की गिरफ्तारी के बाद कावेरी अकेले फैक्ट्री संभालती है, मजदूरों को मनाती है, जमानत के लिए लड़ती है और रास्ते में अरनव के लिए अपने गहरे प्यार का एहसास करती है, विक्रम की नई साजिशों का सामना करती है लेकिन क्लिफहैंगर पर जब अरनव रिहा होता है तो वह ठंडे स्वर में उनका शारीरिक रिश्ता खत्म करने की बात कहता है।
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अरनव के अलगाव के ठंडे फैसले के बाद कावेरी से तीखी बहस शुरू होती है जो गुस्से भरी निषिद्ध मुठभेड़ में बदल जाती है जहां दोनों स्वीकार करते हैं कि यह खिंचाव अनैतिक है लेकिन पूरी तरह अनियंत्रणीय, अपराधबोध और प्यार के बीच वे एक दूसरे को फिर से पूरी तरह भोगते हैं, लेकिन क्लिफहैंगर पर विक्रम के गुंडे कावेरी का अपहरण कर लेते हैं और वह उसके फैक्ट्री हिस्से पर दस्तखत कराने की मांग करता है।
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विक्रम के गुंडों द्वारा अपहृत कावेरी को अब वफादार मजदूरों की मदद से अरनव बचाता है जिसमें तनावपूर्ण लड़ाई के बाद उनकी निषिद्ध वासना फिर भड़क उठती है, दोनों पुराने दस्तावेजों से विक्रम की जालसाजी के अंतिम सबूत जुटाते हैं और कोर्ट में जीत की ओर बढ़ते हैं लेकिन अंतिम सुनवाई में विक्रम महेंद्र द्वारा कावेरी से तलाक की पूर्व योजना का चौंकाने वाला खुलासा कर देता है।
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कोर्ट में विक्रम के तलाक वाले खुलासे को कावेरी और अरनव महेंद्र के पुराने पत्र और मेडिकल रिपोर्ट से काउंटर करते हैं जिसमें साबित होता है कि उन्होंने जानबूझकर कावेरी से शादी की थी ताकि विक्रम से फैक्ट्री बचे और अपना दिल फेल होने का पता था। निषिद्ध वासना और प्यार के बीच दोनों फैक्ट्री के आखिरी ऑर्डर पर काम करते हैं लेकिन जज फैसला आरक्षित रख लेते हैं जबकि कल डेडलाइन है।
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कावेरी और अरनव रात भर अनथक मेहनत से आखिरी ऑर्डर तैयार कर डिलीवर करते हैं जिसमें शहरवासी उनकी लगन देख चुपके समर्थन जताते हैं। कोर्ट फैसला उनके पक्ष में आता है लेकिन अरनव स्कैंडल को लेकर शांतिपूर्ण जीवन की उम्मीद छोड़ देता है जिससे कावेरी स्तब्ध रह जाती है और उनका रिश्ता नई उलझन में फंस जाता है।
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कोर्ट की जीत के बाद कावेरी और अरनव फैक्ट्री बेचने और शहर छोड़ने का फैसला लेते हैं जहां स्कैंडल उन्हें कभी चैन नहीं लेने देगा, पुरानी यादों को अलविदा कहते हुए वे अपनी निषिद्ध वासना को खुलकर अपनाते हैं और अंतिम बार एक दूसरे में पूर्ण समर्पण करते हैं।