Chapter 1 of 26 14 min read 18+
वसीयत का बंधन
महेंद्र की दिल का दौरा पड़ने से अचानक मौत के बाद उनके वकील के ऑफिस में वसीयत पढ़ी गई जिसमें कावेरी को घर और आधी दिवालिया फैक्ट्री मिलती है लेकिन अरनव के साथ एक साल तक मिलकर चलाने की शर्त है। नफरत से भरे अरनव उसे गोल्ड डिगर कहकर बाहर निकालने को कहता है पर वकील का आखिरी खुलासा सब कुछ बदल देता है।
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