Chapter 3 of 26 16 min read 18+
कर्जदारों का सामना
वसीयत के कागजात साइन करने के बाद कावेरी और अरनव कर्जदारों से पैसे वसूलने निकलते हैं जहां कार की तंग सवारियों में आरोप और नफरत उबलती है लेकिन कावेरी अपनी तीखी बातचीत से कुछ रकम जुटा लेती है। अरनव का सम्मान अनिच्छा से बढ़ता है पर अंतिम कर्जदार महेंद्र के विक्रम से गुप्त लोन का खुलासा कर देता है जो वसीयत में छुपाया गया था।
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