अध्याय 20 / 26 पढ़ने में 10 मिनट 18+
न्याय का फैसला
देवर जी द्वारा Avni Oberoi
निर्णायक कोर्ट सत्र में फ्रॉड के सभी सबूत बेनकाब हो जाते हैं, जज मेहर के पक्ष में पूर्ण फैसला सुनाते हुए उसे संपत्ति का हक दिला देते हैं। जीत के बावजूद परिवार अदालत के बाहर सार्वजनिक रूप से शपथ लेता है कि वे विधवा मेहर को विक्रम से कभी पुनर्विवाह नहीं करने देंगे।
18+
यह एपिसोड 18+ है
अपनी उम्र की पुष्टि करने और यह एपिसोड पढ़ने के लिए साइन इन करें।