Chapter 23 of 26 11 min read 18+
विवाह का पवित्र बंधन
पारंपरिक विवाह समारोह पूरा होता है जिसमें आरव अत्यंत प्रसन्न है और शोभा मां पूरी तरह संतुष्ट महसूस करती है, वैदेही और अभिमन्यु अब पति-पत्नी बन जाते हैं लेकिन दुल्हन कक्ष में अकेले रहते हुए बहन प्रिया की पुरानी यादें और सपना वापस लौट आते हैं जो उनकी पहली विवाहित रात को गंभीर खतरे में डाल देते हैं।
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