Chapter 2 of 26 15 min read 18+
घर संभालती वैदेही
वैदेही घर को साफ-सुथरा बनाती है, शोक में डूबे आरव को धीरे-धीरे अपनी मुस्कान और कहानियों से जीत लेती है जबकि अभिमन्यु पूरे दिन अपने कमरे में बंद रहता है। रात को आरव को सुलाने के बाद आधी रात के ब्रेकडाउन में अभिमन्यु को थामती वैदेही के शरीर में निषिद्ध इच्छा की पहली चिंगारी भड़क उठती है।
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