अध्याय 25 / 25 पढ़ने में 11 मिनट 18+
विजय का जुनूनी अनुष्ठान
पर्सनल ट्रेनर द्वारा Avni Oberoi
कोर्ट में जज रेवा के पक्ष में पूर्ण फैसला सुनाते हैं उसके आत्मविकास और करण की बदनियती को आधार बनाकर रेवा अपनी सारी संपत्ति इज्जत और आत्मविश्वास वापस पाती है कोर्ट के बाद घर लौटकर विजयी सुबह के सेशन में आकाश के साथ गिनती सांस और स्पर्श का अनुष्ठान सच्चे साथियों की तरह बिना डर या राज के जारी रहता है।
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