Chapter 3 of 26 11 min read 18+
उकसावट की आग
मेरी हिफ़ाज़त में by Avni Oberoi
अगली सुबह ज़ैनब बाज़ को तोड़ने के लिए बोल्ड और उत्तेजक कपड़ों में निकलती है, बार बार भागने की कोशिश करती है और शब्दों से उसे उकसाती है ताकि उसकी लोहे जैसी इच्छाशक्ति टूट जाए। जुनून बढ़ता जाता है लेकिन बाज़ नियंत्रण में रहता है, जब तक कि आखिरी भागने की कोशिश पर वो उसे दीवार से सटा नहीं देता जहां उनकी सांसें खतरनाक रूप से मिल जाती हैं।
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