पुणे फ्लैट में ज़ारा और कबीर का गुप्त लिव-इन। नकली कज़िन्स का नाटक हर हफ्ते मुश्किल होता जा रहा है। परिवारों की आग त्योहारों और खत्म होती लीज़ के साथ एक्सप्लिसिट रोमांस और कॉमेडी ड्रामा।
विषय-सूची
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पुणे के फ्लैट में ज़ारा और कबीर मध्य जुनून में डूबे होते हैं जब लैंडलेडी मिसेज देशमुख दस्तक देती हैं। वे सबूत छिपाते हुए नकली कज़िन्स का नाटक करते हैं और स्टार्टअप डिज़ाइन पिच करते हैं लेकिन क्लिफहैंगर पर लीज समाप्त होने और बैकग्राउंड चेक की नोटिस मिलती है।
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नोटिस मिलने के बाद ज़ारा और कबीर नकली कज़िन्स की कहानियाँ रिहर्स करते हैं जो teasing और जुनून में बदल जाता है। explicit encounter के बाद स्टार्टअप क्लाइंट मीटिंग की तैयारी में डबल लाइफ जुगल करते हैं लेकिन ज़ारा की माँ का फोन सब बदल देता है।
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परिवारिक इवेंट में कबीर awkward कज़िन का रोल निभाते हुए ज़ारा पर शादी के दबाव को देखता है जबकि दोनों चोरी के पलों की तलाश में रहते हैं। स्टोररूम में explicit moments चुराने के बाद क्लिफहैंगर पर कबीर के पिता को लिव-इन की अफवाह मिलती है और वे पुणे फ्लैट का वीडियो प्रूफ मांगते हैं।
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परिवारिक इवेंट से थक कर पुणे लौटने के बाद ज़ारा और कबीर को कबीर के पिता के ultimatum का सामना करना पड़ता है जिसमें उन्हें वीडियो कॉल पर पूरा फ्लैट और अलग कमरे दिखाने होते हैं। तनाव भरे माहौल में उनका दबा जुनून भड़क उठता है सफाई के बीच रोमांच बढ़ता है लेकिन मिसेज देशमुख का अचानक घुसना कॉमेडी और खतरा पैदा करता है जबकि लीज़ की घड़ी तेज चल रही है और परिवार के आने की घोषणा से क्लिफहैंगर बन जाता है।
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ज़ारा की माँ और कबीर के पिता हवन के लिए अलग-अलग पुणे पहुंचते हैं जिससे दोनों को एक ही छत के नीचे कज़िन का नाटक करना पड़ता है हास्यजनक निकट मिसेस के साथ परिवार की नजरों में जुगाड़ करते हुए एक गुप्त explicit रात बिताते हैं लेकिन हवन के दौरान एक पुरानी अंतरंग फोटो गिरकर सब कुछ बिगाड़ने वाली है।
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फोटो को कॉलेज प्रोजेक्ट का बहाना बताकर ज़ारा और कबीर मुश्किल से परिवार को समझाते हैं लेकिन राहत क्षणिक होती है क्योंकि दोनों परिवार अलग-अलग शादी के रिश्ते ढूंढने लगते हैं जबकि स्टार्टअप में कैश क्रंच आ जाता है, गुप्त जुनून के बीच तनाव बढ़ता है और अंत में ज़ारा की माँ उसके बैग से कंट्रासेप्टिव पैकेट्स निकाल लेती है।
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कंट्रासेप्टिव पैकेट्स पर ज़ारा अपने रूममेट का बहाना बनाकर परिवार को किसी तरह समझाती है लेकिन पुणे वापसी पर दोनों के बीच डर और तनाव भरा झगड़ा छिड़ जाता है जो अंत में कबीर के अधिकार भरे जुनून में बदल जाता है, गहन explicit मिलन के बाद राहत मिलती है पर अचानक पुराना कॉलेज दोस्त जो उनके असली रिश्ते को जानता है पुणे पहुंचकर फ्लैट में ठहरने की बात करता है।
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राहुल के अचानक फ्लैट पहुंचने से ज़ारा और कबीर का नाटक मुश्किल हो जाता है, वो स्टार्टअप डिजाइन डेडलाइन में मदद करता है लेकिन बार बार उनके गुप्त रिश्ते को एक्सपोज करने वाला कॉमेडी क्रिएट करता है, गुप्त जुनून भड़कने के साथ तनाव बढ़ता है। अंत में लीज़ ऑफिशियली डिनाई हो जाती है, उन्हें 45 दिन में फ्लैट खाली करना होगा और मिसेज देशमुख नए टेनेंट्स को दिखाना शुरू कर देती हैं।
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लीज डिनाई होने के बाद ज़ारा और कबीर नए फ्लैट की तलाश में निकलते हैं लेकिन अंतरधार्मिक जोड़े होने के कारण हर जगह पूर्वाग्रह का सामना करते हैं, त्योहारों के मौसम में परिवार उन्हें सिंगल के रूप में अलग-अलग घर बुलाते हैं जबकि गुप्त जुनून के बीच एक तनाव भरी रात फिर से उन्हें करीब लाती है। अंत में कबीर के पिता का बिना बताए फ्लैट पर आना ज़ारा को नाइटक्लोथ्स में फंसा देता है।
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कबीर के पिता के सरप्राइज इंस्पेक्शन के दौरान ज़ारा को बाथरूम में घंटों छिपाकर रखना पड़ता है जिसमें स्लैपस्टिक कॉमेडी, तनाव भरे पल और करीब-करीब पकड़े जाने के मज़ेदार क्षण आते हैं जबकि कबीर पुरानी यादों और झूठी कहानियों से पिता को व्यस्त रखता है, अंत में पिता ज़ारा का डिज़ाइनर ईयरिंग ढूंढ लेता है और बेटे पर महिला के साथ लिव-इन का आरोप लगा देता है।
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पिता के जाने के बाद ज़ारा और कबीर राहत की सांस लेते हैं और अपने अब तक के सबसे गर्म explicit मेलन से सर्वाइवल का जश्न मनाते हैं जिसमें हर स्पर्श और हर कराह पहले से ज्यादा गहरी है लेकिन लीज की डेडलाइन अब सिर्फ तीस दिन रह गई है, क्लिफहैंगर पर ज़ारा को परिवारिक दोस्त से हाई-प्रोफाइल शादी का प्रस्ताव मिलता है जो पुणे आने वाला है।
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ज़ारा के हाई-प्रोफाइल शादी प्रस्ताव की खबर सुनकर कबीर की ईर्ष्या भड़क उठती है और वो गर्मागर्म explicit confrontation में ज़ारा पर अपना अधिकार जताते हुए उसे अपना चिन्हित करता है, दोनों प्रस्ताव ठुकरा देते हैं लेकिन ज़ारा की माँ पुणे वाली जिंदगी की जांच शुरू कर देती है। क्लिफहैंगर पर माँ द्वारा लगाए गए प्राइवेट डिटेक्टिव शहर भर में उनका पीछा करने लगता है।
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प्राइवेट डिटेक्टिव से बचने की कॉमिक चेज़ेस के बीच ज़ारा और कबीर अपना स्टार्टअप प्रोटोटाइप पूरा करते हैं, तनाव भरे पलों में उनका गुप्त जुनून भड़क उठता है जबकि लीज के दिन तेज़ी से कम होते जा रहे हैं। क्लिफहैंगर पर डिटेक्टिव उनके फ्लैट के बाहर किस करते हुए साफ़ फोटोज़ कैप्चर कर लेता है।
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डिटेक्टिव के गेस्ट हाउस में रिस्की कॉमेडिक ऑपरेशन चलाकर ज़ारा और कबीर फोटोज हासिल कर लेते हैं लेकिन दोनों परिवारों की तरफ से एक ही गणेश उत्सव में कज़िन बनकर अलग-अलग आने का दबाव बढ़ जाता है, तनाव भरे पलों में उनका जुनून भड़क उठता है। अंत में मिसेज देशमुख अपना लंबा संदेह जाहिर कर उन्हें प्राइवेट बात करने के लिए बुलाती हैं।
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मिसेज देशमुख के सामने आंशिक सच्चाई कबूलने पर वे हैरान कर देने वाले सहयोगी बन जाती हैं लेकिन अपने सख्त बेटे के बिल्डिंग संभालने की चेतावनी देती हैं, राहत भरे पलों में ज़ारा और कबीर का जुनून भड़क उठता है जबकि त्योहार का दबाव भी बढ़ता है। अंत में बेटा 15 दिनों का अंतिम नोटिस देकर किसी भी अनैतिकता पर कानूनी कार्रवाई की धमकी देता है।
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15 दिन के नोटिस के दबाव में ज़ारा और कबीर स्टार्टअप पिच पर अपना सब कुछ झोंक देते हैं, रिहर्सल के दौरान भावनाएं उफान पर आ जाती हैं और रात जुनून भरी डेस्परेट रात में बदल जाती है जहां हर स्पर्श में डर और प्यार घुला होता है लेकिन क्लिफहैंगर पर निवेशक मीटिंग को राजी होते हुए उनके पुणे फ्लैट पर आने की जिद करता है।
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निवेशक के फ्लैट आने की जिद के बाद ज़ारा और कबीर पूरे फ्लैट को अलग-अलग कज़िन रूम्स में बदलने की हड़बड़ी में जुट जाते हैं, परिवारों के शादी के रिश्तों वाले फोन और दबाव के बीच उनका तनाव बढ़ता है और डर भरे पलों में जुनून भड़क उठता है, लेकिन क्लिफहैंगर पर निवेशक के विजिट के दौरान ज़ारा की माँ और कबीर के पिता बिल्डिंग में एक साथ पहुंच जाते हैं।
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हॉलवे में ज़ारा की माँ और कबीर के पिता के अचानक टकराव पर दोनों को वाइल्ड इम्प्रोवाइजेशन करना पड़ता है, इन्वेस्टर डिज़ाइन्स से इम्प्रेस्ड है लेकिन कुछ गड़बड़ सूंघता है, तनाव भरे पलों में जुनून भड़कता है जबकि अंत में कबीर के पिता लीज पेपर्स मांगते हैं और एक ही नाम का राज़ खुलने वाला होता है।
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लीज पेपर्स खुलने पर ज़ारा और कबीर अपने लिव-इन रिश्ते को स्वीकार करने को मजबूर होते हैं, माता-पिता गुस्से भरे ultimatum देते हैं जबकि स्टार्टअप कॉम्पिटिशन की बड़ी डेडलाइन और इनाम दोनों को परेशान करता है, राहत भरे explicit पलों के बाद अंत में लीज़ एक्सपायर हो जाने पर उनका सामान सड़क पर फेंक दिया जाता है।
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सड़क पर फेंके गए सामान के साथ ज़ारा और कबीर राहुल के घर शरण लेते हैं, दर्द और गुस्से को स्टार्टअप पिच पर पूरा झोंकते हैं लेकिन रात में भावनात्मक टूटन explicit जुनून में बदल जाती है, अंत में कॉम्पिटिशन के फॉर्म में फैमिली रेफरेंस और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की शर्त देखकर उनका सपना फिर खतरे में पड़ जाता है।
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राहुल के घर से ज़ारा अपनी माँ और कबीर अपने पिता से परिवारिक रेफरेंस के लिए अलग-अलग अपील करते हैं, उनकी स्टार्टअप मेहनत देखकर विरोध में छोटी दरारें आती हैं लेकिन राहत क्षणिक होती है, कबीर के पिता मीटिंग को राज़ी होते हैं पर क्लिफहैंगर पर वे स्थायी अलगाव का जाल बिछा चुके होते हैं।
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कबीर के पिता द्वारा बिछाए गए शादी के जाल को ज़ारा अपनी स्मार्ट पिच से पलट देती है, प्यार और स्टार्टअप को एक साथ रखकर परिवार को उनकी एकता दिखाती है, दोनों परिवार पहली बार उनकी मजबूत जोड़ी देखकर स्तब्ध रह जाते हैं लेकिन राहत क्षणिक होती है।
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स्टेज पर ज़ारा और कबीर अपना डिज़ाइन पेश करते हुए रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते हैं जिससे परिवार और दर्शक सदमे में रह जाते हैं, उनकी जोशीली पिच के बीच पुरानी यादें और जुनून उभरते हैं लेकिन क्लिफहैंगर पर प्रेजेंटेशन जीतने के बावजूद कबीर के पिता सबके सामने खड़े होकर उन्हें धिक्कारते हैं।
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स्टेज पर कबीर के पिता के धिक्कार के बाद ज़ारा की माँ अचानक उनका समर्थन करती है उनके साहस और स्टार्टअप सफलता का हवाला देते हुए जिससे परिवार घटना के बाद प्राइवेट मीटिंग के लिए सहमत हो जाते हैं लेकिन मीटिंग में माता-पिता सख्त शर्तें रखते हैं जबकि अंत में फैमिली टाईज वाला राइवल इन्वेस्टर जीत को साबोटाज करने के लिए प्रकट होता है।
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भावनात्मक बातचीत और राइवल के धमकाने के बाद दोनों परिवार संकोची आशीर्वाद देते हैं जिसके बाद ज़ारा और कबीर अपना पहला आधिकारिक घर बसाते हैं पुरानी यादों को ताजा करते हुए अंत में गहन explicit जुनून भरी रात मनाते हैं लेकिन क्लिफहैंगर पर राइवल इन्वेस्टर पुरानी स्कैंडल एक्सपोज करने की धमकी देता है अगर उन्होंने अपना विनिंग स्टार्टअप डिजाइन न सौंपा तो।