Chapter 20 of 25 16 min read 18+
दोस्त का सहारा
सड़क पर फेंके गए सामान के साथ ज़ारा और कबीर राहुल के घर शरण लेते हैं, दर्द और गुस्से को स्टार्टअप पिच पर पूरा झोंकते हैं लेकिन रात में भावनात्मक टूटन explicit जुनून में बदल जाती है, अंत में कॉम्पिटिशन के फॉर्म में फैमिली रेफरेंस और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की शर्त देखकर उनका सपना फिर खतरे में पड़ जाता है।
18+
This episode is 18+
Sign in to confirm your age and read this episode.