Chapter 11 of 25 17 min read 18+
असंभव प्यार की लहरें
पिछली रात के इजहार के बाद रेहान और समीरा माता-पिता की मौजूदगी में नाटकीय झगड़ों से बचते हुए दीवार के पार गहरी भावुक बातें करते हैं जहां उनका असंभव रिश्ता उन्हें अपराधबोध और तीव्र आकर्षण दोनों से भर देता है। दिन की ठंडी खामोशी रात की गर्मी में बदल जाती है, विक्रम सहजता से रेहान से समीरा का ख्याल रखने को कहता है जबकि वो और अंजलि रोमांटिक रिट्रीट पर जा रहे हैं जिससे तीन दिन अकेले रहने का खतरा और उत्तेजना दोनों बढ़ जाते हैं।
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